प्रयागराज में माघ मेला प्रशासन और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बीच चल रहे टकराव के विरोध में अमेठी में यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता शुक्रवार को सड़कों पर उतर आए। कार्यकर्ताओं ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर उपजिलाधिकारी आशीष सिंह को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने माघ मेला प्रशासन पर शंकराचार्य के साथ अत्यंत असम्मानजनक व्यवहार करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि यह कृत्य संत समाज और सनातन परंपराओं के प्रति घोर अनादर को दर्शाता है। यूथ कांग्रेस ने इस आचरण की निंदा करते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यूथ कांग्रेस जिला अध्यक्ष शुभम सिंह ने कहा कि संत समाज की उपेक्षा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे प्रकरण पर तत्काल संज्ञान लेने और निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया। इस बात पर जोर दिया कि ऐसे कृत्य सनातन धर्म की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं। इन्हें किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन में प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि माघ मेला प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई मनमानी और पक्षपातपूर्ण थी। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि संत-महात्माओं का आदर-सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। इस कर्तव्य के पालन में किसी भी प्रकार की चूक पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए। यूथ कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने प्रशासन से शंकराचार्य के सम्मान की रक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की। इस मौके पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।