अमेठी में धान की खेती के समय नहरों में पानी न पहुंचने से नाराज किसानों और ग्रामीणों ने सोमवार को प्रदर्शन कर सिंचाई विभाग के खिलाफ आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारियों ने शारदा सहायक खंड-41 एवं 49 के अधिशासी अभियंता को ज्ञापन सौंपकर तत्काल नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग की। रीता सिंह जनकल्याण समिति के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में अध्यक्ष रीता सिंह ने कहा कि धान की नर्सरी डालने का समय शुरू हो चुका है, लेकिन अधिकांश नहरें सूखी पड़ी हैं। इससे खेती-किसानी का कार्य प्रभावित हो रहा है और किसानों के सामने संकट खड़ा हो गया है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि समय रहते पानी उपलब्ध न होने पर धान की रोपाई का पूरा चक्र प्रभावित हो सकता है। कहा कि क्षेत्र के किसान नहरों के पानी पर निर्भर हैं। वर्तमान में नहरों में पानी न होने के कारण उन्हें निजी साधनों से सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत लगातार बढ़ रही है। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन से जनहित में तत्काल कदम उठाने की मांग की, ताकि समय से धान की नर्सरी तैयार हो सके और किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।