पौराणिक कथाओं के अनुसार, गुरु पूर्णिमा को भगवान शिव ने सप्तऋषियों को ज्ञान हस्तांतरित किया, तब से भोले नाथ को गुरु के रूप में भी जाना जाने लगा। भगवान शिव, उनकी शिक्षाओं और सप्तऋषियों के सम्मान में गुरुपूर्णिमा पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। लोगों ने गुरुजनों के चरणों में श्रद्धा से सिर झुकाया और उनकी शिक्षा को आत्मसात किया। अमेठी में जिला मुख्यालय, गौरीगंज के जामों रोड के माधवपुर गांव स्थित मानव सद्भावना सेवा केंद्र पर सत्संग के बाद प्रसाद वितरण किया गया। इस दौरान प्रवाचक नवनीता बाई, देवानंद मौर्य, रामकेवल यादव, विपिन सिंह, रामकुमार यादव, अनुज शर्मा आदि मौजूद रहे। गायत्री शक्तिपीठ में नौ कुंडीय गायत्री महायज्ञ हुआ। श्रद्धालुओं ने गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य के चरणों में श्रद्धा सुमन अर्पित किया। इस अवसर पर डॉ. चंद्रावती सिंह, गायत्री सिंह, डॉ. आरपी सिंह, अखिलेश पांडेय, चिरौंजी लाल आदि मौजूद रहे। संग्रामपुर के टीकरमाफी स्थित स्वामी परमहंस आश्रम में स्वामी हर्ष चैतन्य ब्रह्मचारी ने शिष्यों के साथ आश्रम पीठाधीश्वर हरिचैतन्य ब्रह्मचारी महराज की पूजा अर्चना की। गुरुपूजन को वैदिक विद्वान धर्मेंद्र शास्त्री, आचार्य विद्याशंकर व आचार्य जनार्दन ने संपन्न कराया। इस अवसर पर प्राचार्य धर्मेंद्र त्रिपाठी, अनिल कुमार, स्वामी सेवक, मुन्ना सिंह आदि मौजूद रहे। शाहगढ़ के निजी विद्यालय में गुरु पूर्णिमा पर हवन पूजन के साथ शिक्षकों को सम्मानित किया गया।