धार्मिक पर्व भी मजहबी लोगों को दिलों से जोड़ने में अहम भूमिका निभाते हैं। एक तरफ ईद के पहले रमजान में रोजा खोलने की तैयारी थी तो दूसरे दिन नवरात्र के पहले दिन की शाम श्रद्धालु पूजा पाठ करने की तैयारी में रहे। दोनों ही मजहब के लोग इसे करने के बाद एक साथ बैठे। मुसलमानों ने रोजा खोला तो हिंदुओं ने नवरात्र पर फलाहार किया। हिंदू और मुस्लिम की एकता और सौहार्द देख लोग भी खुशी से झूम उठे। स्थानीय औद्योगिक क्षेत्र में रमजान माह के अंतिम और चैत्र नवरात्र के पहले दिन क्षेत्र में गंगा जमुनी तहजीब देखने को मिली। दोनों समुदाय के लोगों ने एक साथ मिलकर एकता और भाईचारे की मिसाल पेश की। रमजान माह के अंतिम दिन रोजेदारों ने इफ्तारी की तो दूसरी तरफ नवरात्र व्रत रखने वालों ने फलाहार कर एकता की मिशाल पेश की। रमजान में इफ्तारी करने वाले रोजेदारों ने भी फलाहारी शाकाहारी व्यंजनों से तरबूज, खरबूजा, केला, शरबत, नींबू पानी, आलू से फलाहार किया। इस दौरान सुल्तानपुर से आए अधिवक्ता राजेश बाजपेई, अनुज पांडेय, अयोध्या के श्रीराम चंद्र शुक्ला, बाबूलाल, पुणे निवासी इंजीनियर पंकज, जौनपुर के सुमित श्रीवास्तव, हरियाणा से आए विशाल कुमार, मो़ तौसीफ, मो़ बारिक, मो़ असलम खान, आरिफ खान, शमशीर खान लल्लू आदि मौजूद रहे।