कार्तिक माह के पूर्णिमा की शुरुआत सुबह घना कोहरे से हुई। आसमान में कोहरा छाने से दृश्यता काफी कम हो गई। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वाहन चालकों को दिन में लाइटें जलानी पड़ीं। शुक्रवार सुबह अचानक से मौसम बदल गया और कोहरा छा गया। कोहरा इस कदर घना रहा कि थोड़ी दूरी पर खड़े वाहन दिखना बंद हो गए। दृश्यता बंद होने से वाहनों की रफ्तार पर ब्रेक सी लग गई। यही नहीं वाहन सवारों को दिन में लाइट जलाकर चलना पड़ा। गौरीगंज से गुजरने वाले टाडा-बाँदा हाइवे और तहसील मार्ग पर 20 मीटर की दूरी तक कुछ भी स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा था। इससे 100 किलोमीटर प्रति घंटा या इससे अधिक की रफ्तार में फर्राटा भरने वाले वाहन 30 से 40 किलोमीटर की प्रति घंटा की चाल से चलते नजर आए। हादसे से बचने के लिए वाहन सवार हेड लाइट जलाकर एक-दूसरे के पीछे चल रहे थे। इतना ही सुबह टहलने भी कम लोग ही निकले। ठंड के एहसास से जो निकले भी वह गर्म कपड़े पहने थे।