कटेहरी शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय घाघूपुर में नई रसोइया की नियुक्ति न होने से पिछले दो दिनों से मिड-डे मील योजना बंद है। इससे छात्र-छात्राओं को दोपहर का भोजन नहीं मिल रहा और उन्हें घर जाकर खाना खाने के बाद वापस विद्यालय आना पड़ रहा है। भोजन के समय जब बच्चे रसोई घर की ओर जाते हैं तो उन्हें यह कहकर घर भेज दिया जाता है कि रसोई बंद है और घर जाकर भोजन कर लें। इससे मिड-डे मील योजना के उद्देश्य पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल, रसोइया प्रभावती की 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर उसकी सेवाएं समाप्त हो गईं। इसके बाद नई रसोइया की नियुक्ति नहीं होने से विद्यालय की रसोई बंद पड़ी है। सोमवार को विद्यालय पहुंचे अभय, प्रियांशी, सुनैना व अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि लगातार दो दिनों से उन्हें भोजन नहीं मिला। दोपहर में घर जाकर खाना खाने के बाद वापस विद्यालय आना पड़ता है। कुछ बच्चों ने बताया कि पहले दिन घर पर भी भोजन तैयार नहीं था जिसके कारण उन्हें बिना खाना खाए ही रहना पड़ा। अभिभावकों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि मिड-डे मील बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई और उपस्थिति दोनों प्रभावित हो रही हैं। उनका कहना है कि जल्द व्यवस्था बहाल नहीं हुई तो वे बच्चों का नाम विद्यालय से हटाने पर विचार करेंगे। वहीं, दोपहर एक बजे विद्यालय पहुंचने पर प्रधानाध्यापिका अनुपस्थित मिलीं। फोन पर उन्होंने बताया कि बच्चे की तबीयत खराब होने के कारण वह डॉक्टर के पास आई हैं। बीईओ प्रिया पाठक ने कहा कि मामले की जानकारी नहीं है। यदि विद्यालय में मिड-डे मील बंद मिला तो जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।