अंबेडकरनगर में निजी अस्पताल के चिकित्सक द्वारा इंजेक्शन के बाद हुई महिला की मौत के मामले में मुआवजे की मांग को लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को सड़क पर शव रख जाम लगा दिया। आधे घंटे तक चले हंगामे के बाद एसडीएम आलापुर सुभाष सिंह व सीओ आरबी सिंह ने समझाया बुझाया। इसके बाद परिजन दाह संस्कार को राजी हुए। बुधवार को राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र के मदैनिया गांव निवासिनी उर्मिला पत्नी कैलाश निषाद की मौत कम्हरिया घाट स्थित जय गुरुदेव हास्पिटल में हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि संचालक दुर्गविजय प्रजापति द्वारा इंजेक्शन लगाने के बाद ही मौत हो गई। बृहस्पतिवार की देर शाम महिला का शव लेकर पोस्टमार्टम के बाद परिजन घर पहुंचे। इससे पहले पुलिस ने संचालक व एक अन्य कर्मी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। शुक्रवार की सुबह परिजन और ग्रामीण मुआवजा दिये जाने की मांग करते हुए शव लेकर मदैनिया बाजार पहुंचे। वहां पदुमपुर कम्हरिया मार्ग पर शव रख कर जाम लगा दिया। थानाध्यक्ष विजय प्रताप तिवारी ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नहीं मानें। इसके बाद एसडीएम व सीओ आलापुर पहुंचे। परिजन 50 लाख रुपए, परिवार के एक सदस्य के लिए नौकरी, प्रधानमंत्री आवास दिए जाने तथा दोषी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग कर रहे थे। एसडीएम और सीओ ने परिजनों से वार्ता कर परिजनों को सभी जरूरी मदद का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन शव के दाह संस्कार के लिए राजी हुए। थानाध्यक्ष ने बताया कि मामले में आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही दोनों आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया जाएगा।