आचार्य महामंडलेश्वर ने बताया कि यह यज्ञ विश्व कल्याण के लिए चल रहा है। संगम की रेती पर एक आहूति का फल एक करोड़ आहूति के बराबर मिलता है। महायज्ञ का आरंभ बुधवार शुक्रवार से शुरू हो गया है, जो 26 फरवरी तक चलेगा। अखाड़े के ब्रह्मचारी महायज्ञ, पूजा, पाठ, वंदना और आराधना कर रहे हैं। जब तक कुंभ चलेगा तब तक महायज्ञ होगा।