विश्व शांति और कल्याण की भावना से जैन धर्म के अनुयाइयों ने नमोकार मंत्र का जाप किया। इसमें समाज के बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। आयोजकों ने बताया कि नमोकार मंत्र जैन धर्म का मूल और सबसे महत्वपूर्ण मंत्र है, जो पंच परमेष्ठी यानी अरिहंतों, सिद्धों, आचार्यों, उपाध्यायों और समस्त साधुओं की स्तुति कर उन्हें नमस्कार करता है। इसे पढ़ने से सभी पापों का नाश होता है और यह सबसे मंगलकारी माना जाता है।