विश्व के सबसे बड़े सांस्कृतिक आयोजन के रूप में संगम पर लगने वाला महाकुंभ इस बार दुनिया के लिए मानवता की संस्कृति का साफ्टवेयर बनेगा। इस बार के महाकुंभ में 135 से अधिक देशों के विदेशी संत-भक्त और पर्यटक जहां कल्पवास और भारतीय सनातन जीवन शैली से परिचित हो सकेंगे। ऐसे में प्रयागराजवासियों की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। खास तौर से भारतीय आतिथ्य और सत्कार की जीवन शैली और उसके प्रबंधन को इस महाकुंभ में सीखा जा सकता है।