मेजा के ललितपुर गांव का रहने वाला आठ साल का बालक रजनी देव पिता रजनीकांत के साथ संगम की सफाई कर रहा है। वह पॉलिथीन, गंदे कपड़े, कूड़े उठाकर डस्टबिन में डालता है। रजनीकांत के अनुसार महाकुंभ के पहले वह संगम घूमने आए थे। यहां की गंदगी देख कर उनके बेटे रजनी देव ने सफाई करने की बात कही। इसके बाद वह 13 दिसंबर से सफाई अभियान में जुट गए। रोज 15 किलोमीटर पैदल चलकर माता-पिता के साथ रजनी देव संगम पर पहुंचता है और सफाई करता है। माता-पिता भी सफाई में जुटे रहते हैं। यह न किसी संस्था से जुड़े हैं न ही मेला प्रशासन ने इन्हें कोई जिम्मेदारी दी है। यह स्वयंसेवक के रूप में सफाई कर रहे हैं। रजनीदेव का कहना है कि प्रधानमंत्री से राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्राप्त करने के लिए वह संगम पर सफाई कर रहा है।