बैरहना स्थित पहलवान पीर बाबा मंदिर से चांदी के हौदे पर सवार होकर कृष्ण-बलदाऊ दल बल के साथ निकले। सबसे आगे भगवान गणेश और बजरंगबली की चौकियां रहीं। इसके बाद चौकियों पर कृष्ण द्वारा कंस वध, बकासुर वध, मां काली का स्वांग, कालिया दमन, गोवर्धन पर्वत की लीला कलाकारों ने दिखाई।