जन्माष्टमी, दुर्गा पूजा और दिवाली जैसे बड़े त्योहारों के आने से मूर्ति उद्योग में छाई मंदी अब खत्म हो गई है। अलीगढ़ में बनी मूर्तियों की मांग सिर्फ उत्तर भारत में ही नहीं, बल्कि मथुरा, वृंदावन, अयोध्या के साथ-साथ पूरे देश में, खासकर दक्षिण भारत में भी बहुत ज़्यादा है। यहां के कारीगर दिन-रात काम करके मूर्तियों को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं। सबसे ज़्यादा मांग लड्डू गोपाल और कृष्ण-राधा की मूर्तियों की है, जिन्हें बनाने का काम मुस्लिम कारीगरों द्वारा किया जा रहा है।