आधी रात को 12 बजते ही मुरलीधर के प्राकट्य का शंखनाद हुआ...इस पर भक्तों में खुशी की लहर दौड़ गई। घंटे घड़ियाल और जयकारे लगने लगे। जन्मे हैं कृष्ण-कन्हाई, गोकुल में देखो बाजे बधाई..., हाथी-घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की.., नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की...भजनों पर भक्तजन झूमते नजर आए। इसके बाद कान्हा का पंचामृत से अभिषेक कर भोग लगाया गया।