आगरा। पत्थर के जिगर वालों को कहां दर्द की परवाह, दीवारें तो चुन दी हैं, बस छत ही तो बाकी है...। मशहूर शायर साहिर लुधियानवी का ये शेर नगर निगम की कार्यशैली को बयां करने के लिए काफी है। साल 2020 में तत्कालीन महापौर नवीन जैन ने पालीवाल पार्क व जोंस लाइब्रेरी आने वालों की सुविधा के लिए एक टॉयलेट के निर्माण के निर्देश दिए थे। पार्क क्षेत्र की सरकारी जमीन पर 17.98 लाख रुपये की लागत से टॉयलेट का निर्माण शुरू हो गया। नींव भरकर करीब 15-15 फीट ऊंची दीवारें खड़ी कर दी गईं। शिलान्यास का पत्थर भी लग गया जिसमें महापौर नवीन जैन, नगर आयुक्त निखिल टीकाराम फुंडे व अन्य के नाम दर्ज हैं। मगर, अब तक निर्माणाधीन टॉयलट की छत नहीं पड़ सकी है। छह साल से ये दीवारें सिस्टम के उदासीन रवैये को दर्शा रही हैं।