आगरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने नकली और सरकारी दवाओं की तस्करी के अंतरराज्यीय रैकेट का खुलासा किया है। आगरा में तीसरे चरण में 13 मेडिकल फर्मों पर छापा मारकर जांच की और दो को सील कर दिया। दो फर्मों से दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। शनिवार को 13 मेडिकल फर्मों के 14 संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थाने में तीन तहरीरें दी हैं। साथ ही तीन चरणों में हुई कार्रवाई के बाद गड़बड़ी मिलने पर थोक की 58 मेडिकल फर्मों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने 15 औषधि निरीक्षकों की टीम के साथ कम्मूटोला, मुबारक महल, जूता बाजार, नवाबिया मार्केट समेत 10 बाजारों में स्थित 13 फर्मों और उनके गोदामों पर शुक्रवार को एक साथ छापा मारा। इसमें कम्मूटोला में मोहन ट्रेडर्स, प्रशांत मेडिकल, वंश फार्मा, डॉली ड्रग हाउस, नूर फार्मा, इनाया फार्मा हैं। मुबारक महल में मनी मेडिकल एजेंसी, एपी फार्मा, एचएमजी ड्रग हाउस, नीलकंठ मेडिको कृष्णा कॉम्प्लेक्स में, पोरवाल मेडिकेयर शू मार्केट में, मनु फार्मा कोतवाली के सामने और आरडीएम फार्मास्युटिकल्स नवाबिया मार्केट में है। इनमें से मोहन ट्रेडर्स कम्मूटोला और मनी मेडिकल को सील कर दिया है। नीलकंठ मेडिको और मनु फार्मा पर दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई है। छापे में 35 संदिग्ध दवाएं मिली हैं। जांच के लिए इनके नमूने लिए गए हैं। नकली ड्रग सिंडिकेट में शामिल फर्मों के 14 संचालकों के खिलाफ थाना कोतवाली में तीन तहरीरें दी गई हैं। आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि नकली-सरकारी दवाओं की तस्करी का अंतरराज्यीय रैकेट सामने आया है। आगरा से हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली व उत्तराखंड में नकली-सरकारी दवाओं की तस्करी के सुबूत मिले हैं। प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दे दी गई है। अभी मामले की जांच चल रही है।