कांवड़ यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार व जिला प्रशासन के तमाम दावे बेवर कस्बे में जमीनी स्तर पर फेल साबित हो रहे हैं। ग्वालियर-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बेवर बस स्टैंड चौराहे के निकट मुख्य मार्ग पर भीषण जलभराव हो गया है, जिसके चलते कांवड़ियों को दिक्कतों का सामना करते हुए गंदे पानी के बीच से निकलने को मजबूर होना पड़ रहा है। हाईवे प्रशासन और स्थानीय नगर निकाय की लापरवाही का खामियाजा सीधे तौर पर पदयात्रा कर रहे शिवभक्तों को भुगतना पड़ रहा है। शासन स्तर से कांवड़ मार्गों पर बेहतर साफ-सफाई, प्रकाश और सुगम आवागमन के सख्त निर्देश दिए गए थे, लेकिन चौराहे पर जमा गंदे और बदबूदार पानी की निकासी का कोई ठोस प्रबंध नहीं किया गया। नंगे पैर चल रहे कांवड़ियों को इस दूषित जल से होकर गुजरना पड़ रहा है, जिससे आस्था के इस सफर में उन्हें भारी असुविधा और संक्रमण का खतरा बना हुआ है। स्थानीय नागरिकों व श्रद्धालुओं का आरोप है कि हाईवे प्रशासन की अनदेखी और मनमानी के चलते समस्या लगातार विकराल हो रही है। समय रहते जल निकासी की व्यवस्था न होने से शासन की व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। श्रद्धालुओं ने उच्चाधिकारियों से मार्ग पर तत्काल पंप लगवाकर जलभराव समाप्त कराने की मांग की है।