पार्सल बुक कर बिना बिल्टी के 42 लाख का माल भेजकर जीएसटी चोरी के मामले में विजिलेंस अपनी जांच का दायरा बढ़ाएगा। जीएसटी के तीन अधिकारी और ट्रांसपोर्टर के साथ ही जीआरपी और रेलवे कर्मियों की भूमिका की जांच शुरू कर दी गई है। ट्रांसपोर्टर कई सालों से माल भेज रहा था। स्कैनिंग मशीन से भी घपला किया जा रहा था। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि ट्रांसपोर्टर पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई। विजिलेंस ने जीएसटी चोरी के मामले में जीएसटी के तत्कालीन सहायक आयुक्त संदीप कुमार सिंह, वाणिज्य कर अधिकारी देवेश पांडेय, सतीश चंद्र और ट्रांसपोर्टर असलम कुरैशी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है। मामले में पूर्व में शिकायत की गई थी। इसके बावजूद जीआरपी-रेलवे के अधिकारियों-कर्मचारियों ने संज्ञान नहीं लिया। अब विवेचक रेलवे से भी जानकारी जुटाएगा।