आगरा के सिकंदरा थाना पुलिस की हिरासत में हुई राजू गुप्ता की मौत के मामले में सात साल तीन महीने 27 दिन बाद बृहस्पतिवार को फैसला आया। एडीजे-17 नितिन कुमार ठाकुर की कोर्ट ने दरोगा अनुज सिरोही को 10 साल और मृतक के पड़ोसी अंशुल प्रताप को सात साल कैद की सजा सुनाई। कोर्ट ने विवेचना में गंभीर खामियां मिलने पर तत्कालीन जांच अधिकारियों सीओ चमन सिंह चावड़ा और थाना लोहामंडी के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार पांडेय के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साक्ष्य में अभाव में कोर्ट ने एक आरोपी को बरी कर दिया।