आगरा के सिकंदरा के गांव नेरे (बादाम गढ़ी) में पिता ने 11 माह की बेटी को उसकी मां की गोद से फोटो खींचने के बहाने लेकर यमुना में फेंक दिया। चीखने पर पत्नी को भी यमुना में फेंकने की कोशिश की। गनीमत थी कि उसने रेलिंग पकड़ ली और गुहार लगाने लगी। राहगीरों ने उसे बचा लिया। आरोपी को पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। रात तक बच्ची की तलाश की जा रही थी। घटना दोपहर 2 बजे की है। भरतपुर के डीग स्थित कदिम जाटाैली निवासी भूप सिंह ने बेटी लक्ष्मी की शादी 15 जून, 2024 को सिकंदरा स्थित गांव नेरे निवासी रिंकू उर्फ चंद्रवीर से की थी। रिंकू खेतीबाड़ी करता है। लक्ष्मी के जीजा साैरभ ने बताया कि रिंकू और उसके परिजन आए दिन दहेज की मांग के लिए लक्ष्मी का उत्पीड़न करते हैं। रिंकू कुछ समय से ससुर पर गांव का प्लाॅट नाम करने का दबाव बना रहा था। उन्होंने मना कर दिया था। इससे वह आए दिन लक्ष्मी की पिटाई करता था। वह लक्ष्मी को सिकंदरा से खरीदारी कराने के बहाने घर से लेकर आया था। उनके साथ 11 महीने की बेटी वंशिका भी थी। आरोप है कि गांव से निकलते ही यमुना के पुल पर रिंकू ने बाइक रोक दी। पहले बेटी और पत्नी के साथ मोबाइल से फोटो खींचने लगा। बाद में फोटो खींचने के बहाने लक्ष्मी की गोद से बेटी को अपनी गोद में ले लिया। इसके बाद अचानक उसने बेटी को यमुना में फेंक दिया। यह देखकर लक्ष्मी की चीख निकल गई। वह बिलखने लगी। इस पर रिंकू ने लक्ष्मी को पकड़ लिया। उसे भी यमुना में फेंकने लगा मगर लक्ष्मी ने पुल की दीवार पकड़ ली और शोर भी मचाने लगी। यह देखकर आसपास से निकल रहे लोग रुक गए। उन्होंने रिंकू को पकड़ लिया। तब तक वंशिका बह चुकी थी। लोगों ने 112 नंबर पर काॅल कर पुलिस को बुला लिया। पुलिस पति को थाने ले आई। सूचना पर लक्ष्मी के परिजन आ गए। पुलिस ने यमुना में बच्ची की तलाश कराई लेकिन पता नहीं चल सका।