पहली तिमाही में लक्ष्य से कम टैक्स पहुंचने पर राज्य कर विभाग ने पर्यटन क्षेत्र की इकाइयों की कमाई की जांच शुरू कर दी है। विभाग यह जांच रहा है कि कहीं बुकिंग व कार्यक्रमों पर दिए जाने वाले टैक्स की चोरी तो नहीं की जा रही है। पिछले साल की तुलना में करीब छह करोड़ रुपये कम टैक्स पहुंचने पर विभाग ने यह कवायद शुरू की है। जांच शुरू करने के साथ ही विभाग ने पर्यटन विभाग से जिले में पंजीकृत होटलों और शहर पहुंचे देशी-विदेशी पर्यटकों की संख्या का ब्योरा मांगा है। सूत्रों का कहना है कि उनसे मिलने वाले आंकड़े के बाद विभाग अपनी फील्ड की टीमों को जांच के लिए होटलों पर भेज सकता है। फिलहाल विभाग पिछले सालों से कम मिले कर की होटलवार तुलनात्मक सूची तैयार कर रहा है। एडिशनल कमिश्नर ग्रेड 1 पंकज गांधी ने बताया कि पिछली तिमाही से इस बार पर्यटन क्षेत्र के टैक्स में कमी आई है। यही वजह है कि शासन के निर्देश पर होटल-रेस्तरां की जांच शुरू की है। फिलहाल डाटा का अध्ययन किया जा रहा है। उसके बाद आगे की कार्रवाई को लेकर संबंधित जांच टीमें फैसला लेंगी।