दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन में एक-दो फीसदी ही पढ़े-लिखे युवा थे। ऐसे बर्बादी के खेल से युवाओं को दूर रहना चाहिए। मोबाइल और टीवी से ज्ञान न लें बल्कि किताबों का अध्ययन करें। 25 से 28 साल के युवाओं ने भारत का पहला निजी ऑर्बिटल रॉकेट विक्रम-1 बनाया है। आईना देखकर खुद चयन करें कि आपको कौन सा युवा बनना है। ये बातें सोमवार को खंदारी परिसर स्थित शिवाजी मंडपम में आयोजित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहीं। उन्होंने कहा कि वह समय दूर नहीं है, जब स्वदेशी तकनीक से भारतीय अंतरिक्ष की यात्रा कर सकेंगे। युवाओं ने कॉमनवेल्थ गेम्स में देश का परचम लहराया। देश खेल महाशक्ति की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। कुछ युवा समाज के वंचित लोगों को उभारने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पांच युवा भारतीय प्रशासनिक सेवा अधिकारी बनना चाहते थे लेकिन परीक्षा में सफल नहीं हुए। तब उन्होंने नदी से कपड़े एकत्रित करने वाली महिलाओं को देखा और उनसे जानकारी ली। अब वे महिलाओं के साथ मिलकर बैग तैयार कर रहे हैं और 2500 अनपढ़ महिलाओं को रोजगार दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि समाज में बुराई न देखें बल्कि शिक्षा से समस्या का समाधान खोजने का प्रयास करें।