आगरा। केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) के विजन डॉक्यूमेंट से पत्थरों पर जादू उकेरने की सदियों पुरानी फारसी कला पर संकट मंडरा रहा है। मार्बल पच्चीकारी उद्योग के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) ने प्रदूषण स्कोर 30 तय किया है, जबकि ताजमहल से 10 किमी. परिधि में प्रदूषण स्कोर 30 वाले उद्योग नहीं लग सकेंगे। ऐसे में शहर की ऐतिहासिक पहचान बन चुकी पच्चीकारी विलुप्त हो सकती है। हजारों परिवारों की आजीविका भी प्रभावित होगी।