आगरा। डीसीपी सिटी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि वाहन चोर सर्विस सेंटर के कर्मचारियों की मदद से सर्विस के लिए आने वाली कारों की रिमोट चाबी की प्रोग्रामिंग कॉपी कर लेते थे। इसके बाद कार की लोकेशन पता कर उसे चोरी करते थे। जिन गाड़ियों में जीपीएस डिवाइस डिवाइस होती थी, वह उसे चोरी के बाद शहर से बाहर निकलते ही हटा देते थे। गिरफ्तार आरोपियों ने दिल्ली, मथुरा और आगरा में कारों की चोरी की हैं। 25 लाख की कार को 12 से 15 लाख रुपये तक में बेच देते थे। इसके लिए कंडम हो चुकी कारों के कागजातों का प्रयोग करते थे।