अगले महीने रक्षाबंधन है और इसमें घेवर की सबसे ज्यादा मांग रहती है। इसके लिए घेवर बनाना शुरू कर दिया है। ऐसे में मिलावटी घी-दूध की कालाबाजारी के लिए माफिया सक्रिय हो गए हैं। हाल ही में खाद्य विभाग की टीम ने मिलावटी घी-दूध को जब्त भी किया है। इसकी रोकथाम के लिए लखनऊ स्तर से टास्क फोर्स बन चुकी है। स्थानीय अधिकारी भी जल्द अभियान चलाएंगे। जिले में करीब 10 हजार मिष्ठान्न भंडार हैं। ब्रज क्षेत्र में घेवर की मिठाई बेहद लोकप्रिय है। घेवर को महीनेभर पहले से बनाकर स्टॉक कर लिया जाता है। बिक्री के समय इसे गर्म चाशनी में डुबाकर मेवा, खोआ से सजाकर बेचा जाता है। इसे घी और वनस्पति तेल से बनाया जाता है। इस त्योहार को भुनाने के लिए माफिया ने मिलावटी-नकली घी और दूध की कालाबाजारी शुरू कर दी है। हाल ही में फतेहाबाद और कागारौल में मिलावटी घी पकड़ा है। दूध के भी नमूने जांच को भेजे हैं। सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय महेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि मिलावटी-नकली सामग्री पकड़ने के लिए कार्रवाई चल रही हैं। त्योहार को देखते हुए घी, दूध और खोआ की जांच प्राथमिकता पर कराई जाएगी। इसके लिए विशेष अभियान भी चलेगा। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश गुप्ता ने बताया कि मिलावटी और नकली सामग्री की शिकायत टोल फ्री नंबर 18001805533 पर कर सकते हैं।