आगरा। भगवान शिव के भक्तों के लिए जल्द ही एक नया आस्था केंद्र विकसित होगा। कुछ सप्ताह पहले विवाद के चलते रुका द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर का निर्माण अब नए स्थान पर पहले से अधिक भव्य स्वरूप में किया जा रहा है। सिकंदरा स्थित प्राचीन कैलाश मंदिर से करीब 500 मीटर दूर, वन विभाग के गेस्ट हाउस के सामने ग्राम कैलाश में लगभग 1000 वर्गगज क्षेत्रफल में मंदिर का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। मंदिर के महंत गौरव गिरी ने बताया कि मंदिर का गर्भगृह विशेष आध्यात्मिक स्वरूप में तैयार किया जाएगा। गर्भगृह परिसर की चारों दिशाओं में द्वादश ज्योतिर्लिंग स्थापित किए जाएंगे, जबकि ठीक मध्य में बाबा महाकाल विराजमान होंगे। इसके अलावा भगवान चित्रगुप्त, धर्मराज भगवान, हनुमान जी और मां बगलामुखी के मंदिर भी बनाए जाएंगे। महाकाल की शिवलिंग गर्भगृह के बीचोबीच होगी उनके बगल में ही पीतल से निर्मित शिव परिवार की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार लाल पत्थर से बनाया जाएगा, जिसकी चौड़ाई 25 फीट और ऊंचाई 18 फीट होगी। प्रवेश द्वार के बाहर पांच फीट ऊंची विशाल नंदी महाराज की प्रतिमा श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनेगी।