ताजनगरी आगरा में सफाई व्यवस्था धड़ाम हो गई है। इसका परिणाम स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 की रिपोर्र में सामने आया है। स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में आगरा नगर निगम धड़ाम से जमीन पर आ गिरा है। जनवरी 2024 में जारी रिपोर्ट में आगरा को देश में 85वीं रैंकिंग मिली है। जबकि, पिछली बार के सर्वेक्षण में 23वां स्थान मिला था। डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन न होने, घरों से गीला सूखा कचरा अलग न लेने, सड़कों की सफाई, नाले, प्लास्टिक पर प्रतिबंध और प्रोसेसिंग न होने के कारण आगरा की रैंकिंग लुढ़क गई। यह लापरवाही लोगों पर भारी पड़ रही है। शनिवार को यहां सिकंदरा थाना क्षेत्र के ककरेठा में स्वच्छता को परखा गया। यहां सड़क किनारे रखे नगर निगम कूड़ेदान खराब हो गए। इसलिए नगर निगम ने इन्हें वहीं इकट्ठा करके एक जगह रख दिया, लेकिन इनकी जगह दूसरे कूड़ादान नहीं रखे गए। इससे लोग जमीन पर ही कचरा फेंक रहे हैं। यह कचरा हर दिन उठाया भी नहीं जाता है। नतीजा यह है कि गंदगी और कचरा सड़ने से हो रही बदबू से लोग परेशान हैं। इससे बीमारी बढ़ने का भी खतरा बना हुआ है। आसपास के लोगों ने इसके लिए कई बार अधिरारियों से संपर्क किया लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।