12 अक्टूबर को अहोई अष्टमी है और 12 अक्टूबर को ही कालाष्टमी भी है। जिसका मतलब ये है कि 12 अक्टूबर को एक ओर महिलाएं अपने बच्चों की लंबी उम्र, अच्छी सेहत, और उनकी कामयाबी के लिए अहोई अष्टमी का व्रत रखेंगी और दूसरी और शिव के रूप भैरव के भक्त उनके लिए व्रत रखेंगे। तो आइए हम आपको बताते है कि कैसे इन दोनों व्रतों को सम्पन किया जाएगा और इन्हें रखने के लिए क्या विधान है।