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आखिर कब तक मजबूरी में जलेगा बचपन?

Tue, 01 May 2018 05:36 AM IST
बसंत कुमार, अमर उजाला टीवी/ नई दिल्ली

बचपन का मतलब खुशी होता है। लोग बढ़ती उम्र के साथ बचपन को याद करते हैं, लेकिन कुछ बच्चे ऐसे भी हैं जो शायद बड़े होकर अपने बचपन को याद करना न चाहें। आज हम आपको कुछ ऐसे ही बच्चों से मिलवाते हैं। देखिए मजबूर बचपन जीने वाले इन बच्चों की कहानी।

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