धर्म का नाम लेकर युवाओं को अगर कोई मुसलमान भड़काए तो वो देशद्रोही। उदाहरण- ज़ाकिर नाइक। जाति का नाम लेकर अगर कोई दलित युवाओं को गुमराह करे तो उससे देश की सुरक्षा को खतरा। उदाहरण- रासुका में बंद चंद्रशेखर रावण। लेकिन, धर्म और जाति दोनों का सहारा लेकर कोई अगर पूरे देश में शहर-शहर घूम कर हिंसा को बढ़ावा दे और कोई उसका कुछ न करे। तो सवाल उठता है कि एक ही तरह की हरकतों के लिए देश में अलग अलग कार्रवाई क्यों होती है? सवाल कई हैं। और सारे के सारे जुड़े हैं पूरे देश में राजपूती शान के नाम पर हंगामा काट रहे लोकेंद्र कालवी से। कौन है ये लोकेंद्र और क्या है इसका अतीत? देखिए अमर उजाला टीवी की इस खास रिपोर्ट में।