सीटू, अखिल भारतीय किसान सभा तथा दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और स्वतंत्र क्षेत्रीय संघों के संयुक्त मंच के आह्वान पर बुधवार को राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल के तहत सुन्नी में मजदूरों और किसानों ने विशाल रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर जनविरोधी नीतियां लागू करने और मजदूर विरोधी चार श्रम संहिताओं को लागू करने का आरोप लगाया। रैली को संबोधित करते हुए सीटू शिमला जिला महासचिव अमित, आंगनबाड़ी वर्कर एंड हेल्पर यूनियन की जिला महासचिव खीमी भंडारी, मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन की जिला कोषाध्यक्ष चंपा देवी, सुन्नी डैम हाइड्रो प्रोजेक्ट यूनियन के अध्यक्ष ओम प्रकाश, प्रेम प्रकाश, दुष्यंत, टेक चंद तथा दीपक प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन के प्रेम लाल ने कहा कि 21 नवंबर 2025 को चार लेबर कोड लागू करने की अधिसूचना जारी कर केंद्र सरकार ने मजदूरों को मालिकों के सामने निहत्था कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि नई श्रम संहिताएं सामूहिक सौदेबाजी और हड़ताल के अधिकार को कमजोर करती हैं तथा श्रमिकों की सामाजिक और व्यावसायिक सुरक्षा को खतरे में डालती हैं। वक्ताओं ने कहा कि लगभग 70 प्रतिशत कारखाने श्रम कानूनों के दायरे से बाहर हो जाएंगे और वेतन की परिभाषा में बदलाव से श्रमिकों के हित प्रभावित होंगे। उन्होंने इसे ट्रेड यूनियन गतिविधियों पर प्रतिशोधात्मक कार्रवाई को बढ़ावा देने वाला कदम बताया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।