केंद्रीय अल्पसंख्यक एवं संसदीय मामले मंत्री किरण रिजिजू हिमाचल के तीन दिवसीय दौरे के दौरान गुरुवार को शिमला में पत्रकार वार्ता की। इस दाैरान केंद्रीय मंत्री किरण रिजजू ने आपातकाल को याद करते हुए तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की नीतियों और कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को घेरा। रिजिजू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई में हुई कैबिनेट बैठक में एक प्रस्ताव पास किया गया है, जिसमें कहा गया कि आपातकाल में लोकतंत्र की हत्या हुई थी। कैबिनेट बैठक में कहा गया है कि लोकतंत्र की जननी के रूप में भारत सांविधानिक मूल्यों के संरक्षण, सुरक्षा और रक्षा का मूर्तरूप है। उन्होंने कहा कि सरकारी एवं पार्टी इस प्रस्ताव को देश के जन-जन तक पहुंचने में कार्य करेगी क्योंकि लोकतंत्र को जिंदा रखने की जिम्मेदारी देश के प्रति एक व्यक्ति की है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि आपातकाल के समय बड़े नेताओं को जेल में डाल दिया गया था और आम आदमी की स्वतंत्रता छीन ली गई थी। यहां तक की मीडिया एवं न्यायपालिका की भी स्वतंत्रता पर लगाम लगा दी गई थी। उस समय की सरकारें चाहती थीं कि देश की ज्यूडिशरी एक परिवार के प्रति समर्पित हो, उसे समय की कांग्रेस सरकार का यह रुख था कि एक परिवार देश पर राज करें और एक तरफ लोकतंत्र मर जाए। केंद्रीय मंत्री ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि आज देश में विपक्ष छोटी सी किताब लेकर घूम रहा है और संविधान बचाने की गुहार लगा रहा है। हम उनको याद दिलाना चाहते हैं कि जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गुजरात के मुख्यमंत्री थे तो संविधान को जागरूक करने के लिए एक यात्रा का आयोजन करते थे, जिसके बाद देश में 26 नवंबर को संविधान दिवस मनाया जाता है, आज से पहले कभी देश में संविधान दिवस मनाया ही नहीं जाता था।