हिमाचल में भांग की खेती को मान्यता देने के मामले पर राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश को कभी गर्व होता था कि हमारे यहां मलाणा है, विदेशों में उसकी चमक बढ़ती है। लेकिन वही चमक आज ऐसी स्थिति पैदा कर रही है कि लोग अपने नौनिहालों को खो रहे हैं। सरकार को विशेष रूप से ध्यान देने की आवश्कता है कि इसका(भांग) का केवल औषधीय उपयोग किया जाए। शुक्ल ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट में सामने आया है कि दवाओं के सैंपल फैल हो रहे हैं। सरकार को इस पर भी ध्यान देकर बड़ी गंभीरता से ऐसे मामले में भी कार्रवाई करनी चाहिए। कहा कि हिमाचल को किसी भी स्थिति में नशामुक्त करना है। प्रसन्नता इस बात की है कि हमने जो अभियान पीएम मोदी की प्रेरणा से चलाया है, हिमाचल में इसने पूरी तरह से रास्ता पकड़ लिया है। लोग बढ़चढ़ कर आगे आ रहे हैं।