जिला पुलिस शिमला ने नशा तस्करी के खिलाफ अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो अलग-अलग मामलों में बैकवर्ड लिंकेज के जरिए अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क के मुख्य सप्लायरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। पहले मामले में 15 जुलाई 2026 को थाना सदर शिमला में दर्ज एफआईआर संख्या 87/2026 के तहत स्पेशल सेल ने शिमला के एक होटल में छापेमारी कर सागर सिंह (19), आकाश (18) और अंकित कुमार (23) को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से करीब 21 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई थी। जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल फोन का डिजिटल डेटा, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और ऑनलाइन लेन-देन की जांच की। इससे पता चला कि तीनों आरोपियों ने हेरोइन लुधियाना निवासी साहिल शर्मा (26) से खरीदी थी। ऑनलाइन भुगतान, मोबाइल बातचीत और ऑडियो रिकॉर्डिंग जैसे इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने लुधियाना में दबिश देकर 18 जुलाई को साहिल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ पहले भी चोरी और स्नैचिंग के मामले दर्ज हैं। दूसरे मामले में 20 जुलाई 2026 को थाना चिड़गांव में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मामले में अमृतसर निवासी मनिन्दर सिंह (23) के कब्जे से 16 ग्राम हेरोइन बरामद की गई थी। पूछताछ में उसने बताया कि उसने यह नशा अमृतसर निवासी सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल से खरीदा था। इसके बाद पुलिस टीम अमृतसर पहुंची और तकनीकी साक्ष्यों तथा आरोपी की निशानदेही के आधार पर सुखदीप सिंह उर्फ जैस गिल को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से बरामद मोबाइल फोन में वही नंबर सक्रिय मिला, जिसकी पुष्टि कॉल डिटेल रिकॉर्ड से भी हुई। इसके आधार पर उसे एनडीपीएस एक्ट की धारा 29 के तहत गिरफ्तार किया गया। शिमला पुलिस के अनुसार वर्ष 2026 में नशा तस्करी के खिलाफ बैकवर्ड लिंकेज पर की गई कार्रवाई पिछले तीन वर्षों की तुलना में सबसे प्रभावी रही है। इस वर्ष अब तक पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और केरल सहित विभिन्न राज्यों से 59 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि 75 अंतर्राज्यीय ड्रग नेटवर्क ध्वस्त किए गए हैं। तुलनात्मक रूप से वर्ष 2025 की इसी अवधि में 7 मुख्य सप्लायरों की गिरफ्तारी और 4 नेटवर्क ध्वस्त किए गए थे, जबकि 2024 में 7 मुख्य सप्लायर गिरफ्तार कर 2 नेटवर्क तोड़े गए थे। पुलिस का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल नशे के साथ पकड़े गए आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि नशा तस्करी की पूरी श्रृंखला को तोड़कर उसके मुख्य संचालकों तक पहुंचना है।