छात्रों पर कथित हमले के विरोध में गुरुवार को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के नेतृत्व में शिमला में प्रदर्शन और रैली निकाली गई। बड़ी संख्या में छात्र, युवा और विभिन्न जनसंगठनों के प्रतिनिधि उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नीट पेपर घोटाले की निष्पक्ष जांच, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, शिक्षा में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और छात्रों पर कथित हमले के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान एसएफआई कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि 22 जुलाई को क्रमिक भूख हड़ताल के दौरान छात्रों पर हमला किया गया था और आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि इस मामले में दर्ज शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई की जानी चाहिए। एसएफआई के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में डीवाईएफआई, सीटू, डीएसएमएम, हिमाचल किसान सभा, एडवा, एसएनएस और एसयूएस सहित कई जनसंगठनों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और छात्रों की मांगों का समर्थन किया। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए डीसी कार्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। उधर, 22 जुलाई की घटना को लेकर सदर थाना शिमला में पहले ही शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है और मामले की जांच पुलिस द्वारा की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक भाजपा की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।