इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) शिमला में आज से मरीजों और उनके तीमारदारों की सहायता के लिए एनएसएस स्वयंसेवियों और एनसीसी कैडेट्स की तैनाती शुरू हो गई है। प्रदेश सरकार की सारथी योजना के तहत यह व्यवस्था लागू की गई है, जिसका उद्देश्य अस्पताल आने वाले लोगों को दिशा-निर्देश देना और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध करवाना है। सुबह 9:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक कैडेट्स अस्पताल परिसर में सक्रिय रहेंगे और मरीजों को ओपीडी, जांच केंद्रों और अन्य विभागों तक पहुंचने में मदद करेंगे। पहले दिन संजौली कॉलेज के एनसीसी के पांच कैडेट्स–भव्या, छाया, पंकज, जयंत और सुमित ने लगभग 60 मरीजों को मार्गदर्शन देकर अपनी सेवाएं दीं। कैडेट्स का कहना है कि उन्हें सेवा का अवसर मिलना गर्व की बात है और इस अनुभव से न केवल उन्हें सामाजिक जुड़ाव का अवसर मिला है, बल्कि संवाद व सहानुभूति जैसी क्षमताएं भी निखर रही हैं। इस योजना में स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग मिलकर कार्य कर रहे हैं। पहले चरण में संजौली महाविद्यालय से 23 विद्यार्थियों का चयन किया गया है। उनकी काउंसलिंग पूरी हो चुकी है और आने वाले दिनों में अन्य कॉलेजों के स्वयंसेवकों को भी इसमें जोड़ा जाएगा। सेवा देने वाले छात्रों को प्रशिक्षण के साथ प्रशस्ति पत्र भी प्रदान किए जाएंगे।