न्यू शिमला के सेक्टर-5 फेज-3 कंगनाधार में हिमुडा की ओर से विकसित आवासीय कॉलोनी में भवनों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ब्लॉक नंबर-20 के साथ सड़क किनारे बना डंगा फूल गया है और उसमें बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। डंगा टेढ़ा होने के कारण स्थानीय लोगों ने इसके गिरने की आशंका जताई है। उनका कहना है कि ऐसा हुआ तो यहां रहने वाले 16 परिवारों के लिए खतरा पैदा हो सकता है। वहीं, ब्लॉक नंबर-17 और 18 में रहने वाले करीब 20 परिवार भी भवनों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिना वैज्ञानिक जांच के रास्ते बनाए जाने से भवनों और आसपास की जमीन की स्थिरता प्रभावित होने का खतरा है। यदि कोई ब्लॉक धंसता है तो आसपास के अन्य आवासीय ब्लॉकों पर भी इसका असर पड़ सकता है। हिमुडा ने सेक्टर-5 फेज-3 में लोगों के रहने के लिए आवासीय ब्लॉक बनाए थे। अब स्थानीय लोगों का कहना है कि निजी कॉलोनियों को बसाने और उन्हें सड़क सुविधा देने के लिए किए जा रहे कार्यों के बीच पुराने आवासीय ब्लॉकों की सुरक्षा को नजरअंदाज किया जा रहा है। रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन सेक्टर-5, फेज-3 न्यू शिमला के अनुसार, सेल्फ फाइनेंसिंग स्कीम के तहत आवास विकसित करते समय हिमुडा और नगर निगम को पहले निवासियों के लिए बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करनी चाहिए थीं। एसोसिएशन ने आशंका जताई कि नियोजित आवासीय कॉलोनी को कंक्रीट के जंगल में बदला जा रहा है। स्थानीय निवासी जीवन शर्मा, शाहिद और पीपी शर्मा ने कहा कि लोगों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय निर्माण कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने मांग की कि किसी भी नए निर्माण से पहले विशेषज्ञों की कमेटी गठित कर तकनीकी और वैज्ञानिक जांच करवाई जाए। कॉलोनी में पार्किंग की कमी भी लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनी हुई है। निवासियों का कहना है कि आवासीय योजना के तहत विकसित सुविधाओं पर यहां रहने वाले लोगों का प्राथमिक अधिकार होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कम्युनिटी सेंटर जैसी सुविधाएं अन्य सरकारी विभागों को सौंपे जाने से स्थानीय लोगों के लिए उपलब्ध सुविधाएं सीमित हो गई हैं। एसोसिएशन के प्रेस सचिव एचएस राजटू ने कहा कि सेल्फ फाइनेंसिंग स्कीम के तहत विकसित पार्किंग और अन्य सुविधाओं पर यहां के निवासियों का पहला हक है। उन्होंने कहा कि इन सुविधाओं के इस्तेमाल को लेकर बाहरी हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। स्थानीय निवासी डॉ. इंद्रजीत सिंह ने कहा कि बच्चों और बुजुर्गों की सुविधा के लिए पार्क विकसित किया जाना चाहिए, लेकिन इसके बजाय सड़क किनारे पेड़ काटे जा रहे हैं। उन्होंने इसे पर्यावरण के लिहाज से चिंताजनक बताया। कर्मचंद गौतम ने कहा कि भवनों की सुरक्षा को लेकर लोग परेशान हैं और इस संबंध में हिमुडा को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं। उनके अनुसार, समस्या का समाधान नहीं होने से निवासियों की चिंता बढ़ रही है। पीपी शर्मा ने कहा कि सड़कें, डंगे, पानी और बिजली के ट्रांसफार्मर अलॉटियों के पैसों से लगाए गए हैं। उनका आरोप है कि हिमुडा ने अपनी सीमाएं स्पष्ट नहीं की हैं और कुछ जगहों पर अलॉटियों की मंजूरी के बिना रेलिंग तोड़कर रास्ते खोले गए हैं। कंगनाधार वार्ड के पार्षद आरआर वर्मा ने कहा कि संबंधित आवासीय ब्लॉक हिमुडा के अधीन हैं और वहां की समस्याओं का समाधान हिमुडा को करना होगा। उन्होंने बताया कि पार्किंग की समस्या के समाधान के लिए काम किया जा रहा है। उनके अनुसार, 29 अक्तूबर को महापौर सुरेंद्र चौहान पार्किंग का शिलान्यास करेंगे। इससे भविष्य में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। 33 ब्लॉक, 320 फ्लैट और करीब 1,200 निवासी आंकड़ों में सोसायटी की स्थिति: सोसायटी का पंजीकरण वर्ष 2003 में हुआ। सोसायटी में करीब 1,200 लोग रहते हैं। कुल 33 ब्लॉकों में 320 फ्लैट हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि आवासीय ब्लॉकों और डंगों की विशेषज्ञों से तकनीकी जांच करवाई जाए, जरूरी मरम्मत कार्य जल्द पूरे किए जाएं और नए निर्माण से पहले सुरक्षा संबंधी पहलुओं की समीक्षा हो। इसके साथ ही पार्किंग, सार्वजनिक सुविधाओं, बस सेवा और बिजली की तारों को भूमिगत करने जैसी समस्याओं का भी समाधान किया जाए।