राजधानी शिमला के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर के टेवरन हॉल में आयोजित कारीगरों के कला एवं शिल्प मेले में तीसरे दिन वीरवार को खरीदारी के लिए लोगों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ी। मेले में सबसे ज्यादा आकर्षण का केंद्र हैदराबादी मोतियों के गहने बने हुए हैं, जिन्हें महिलाएं और युवतियां खूब पसंद कर रही हैं। स्टॉल संचालकों के अनुसार हैदराबादी मोतियों से तैयार किए गए झुमके, नेकलेस सेट, मोतियों की मालाएं और अन्य डिजाइनर ज्वेलरी 200 रुपये से लेकर 10 हजार रुपये तक की कीमत में उपलब्ध हैं। पारंपरिक और आधुनिक डिजाइन के मेल से तैयार इन गहनों की मांग लगातार बढ़ रही है। मेले में काशी सहित देश के विभिन्न राज्यों से आए नौ कारीगर अपनी पारंपरिक हस्तशिल्प कला और कलाकृतियों का प्रदर्शन कर रहे हैं। फैमको हैंडलूम कोऑपरेटिव सोसायटी की ओर से आयोजित इस दस दिवसीय मेले में कुल 12 स्टॉल लगाए गए हैं, जहां हस्तनिर्मित उत्पादों की खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। कारीगरों का कहना है कि ऐसे मेले न केवल उनकी पारंपरिक कला को पहचान दिलाते हैं, बल्कि उन्हें अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने का भी अवसर प्रदान करते हैं।