प्रदेश बिजली बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस में गुरुवार को नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी एम्प्लॉइज़ एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर केंद्र सरकार की बिजली क्षेत्र में निजीकरण की नीतियों के खिलाफ पूर्ण रूप से पेन डाउन एवं टूल डाउन हड़ताल रही। इसका प्रभाव कार्यालयों के साथ-साथ फील्ड कार्यों में भी स्पष्ट रूप से देखने को मिला। हालांकि, आपातकालीन सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा गया, जिससे आम जनता को आवश्यक सेवाओं में कोई बाधा नहीं हुई। शिमला में बोर्ड़ मुख्यालय के बाहर सैकड़ों कर्मचारियों, अभियंताओं व पेंशनरों जोरदार प्रदर्शन किया। भोजनावकाश के दौरान प्रदेशभर में बिजली बोर्ड कार्यालयों के बाहर 63 जगहों पर निजीकरण के विरोध में बिजली कर्मचारी और अभियंताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। कुछ जगहों पर प्रशासन के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन भी सौंपे गए। इसमें बिजली बोर्ड के पेंशनरों के साथ-साथ विद्युत उपभोक्ताओं ने भी भाग लिया।