शिमला विमल नेगी केस में ASI पंकज शर्मा को सशर्त जमानत पर रिहा,डेढ़ माह बाद मिली राहत,50,000 रुपये के पर्सनल बॉन्ड और समान राशि की जमानत पर रिहा करने के आदेश।
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने चीफ इंजीनियर विमल नेगी मौत मामले में पेन ड्राइव को गायब करने के आरोपी एएसआई पंकज शर्मा को जमानत दे दी है।न्यायाधीश विरेंदर सिंह ने पंकज शर्मा की जमानत याचिका को स्वीकारते हुए सशर्त जमानत दी है और प्रार्थी को बिना कोर्ट की इजाजत के देश से बाहर नहीं जाने के आदेश दिए हैं।कोर्ट ने पंकज शर्मा को अभियोजन पक्ष के गवाहों पर कोई दबाव न बनाने व मामले के तथ्यों से परिचित किसी भी व्यक्ति को ऐसा कोई प्रलोभन या धमकी न देने के आदेश दिए हैं।
हाईकोर्ट ने अपने आदेशों में कहा है कि जिन धाराओं में पंकज शर्मा को गिरफ्तार किया गया है, वे इतनी कठोर नहीं कि उन्हें अनिश्चितकाल तक जेल में रखा जाए, इसलिए शर्तों के साथ जमानत देना न्यायोचित है हालांकि सीबीआई ने जमानत का विरोध किया।पंकज शर्मा ने हाईकोर्ट में जमानत प्रदान करने हेतु याचिका दायर की थी। प्रार्थी का कहना था कि वह बेगुनाह है और उसे इस मामले में झूठा फंसाया गया है। वह पुलिस में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर के तौर पर काम कर रहा है और कथित घटना के समय वह पुलिस स्टेशन, सदर शिमला में तैनात था।
उसे गौरतलब है कि पंकज शर्मा को सीबीआई ने 14 सितंबर को उसके पैतृक स्थान जोल बहल, पोस्ट ऑफिस डांगर, तहसील घुमारवीं, जिला बिलासपुर से गिरफ्तार किया था। इसके बाद, उसे 16 सितंबर को शिमला के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस कस्टडी के बाद ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया था।