राजसमंद जिले में नाथद्वारा नगर पालिका के पैरा फेरी क्षेत्र की छह ग्राम पंचायतों के दस राजस्व गांवों को नाथद्वारा नगर पालिका में शामिल करने की राज्य सरकार के स्वायत्त शासन विभाग की अधिसूचना के विरोध में ग्रामीण उपखंड अधिकारी के चैंबर के बारह धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने अध्यादेश के विरोध में बस स्टैंड से रैली निकालकर नारेबाजी करते हुए उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन किया। उपखंड अधिकारी के चैंबर के बाहर अधिसूचना रद्द किए जाने तक धरना देने का एलान किया।
गांव बचाओ संघर्ष समिति के हेमंत पालीवाल ने बताया कि आज अधिसूचना के अनुसार अंतिम दिन है और कल से गांवों को नगर पालिका में शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसलिए जब तक अधिसूचना को रद्द नहीं किया जाता है या कोई सक्षम अधिकारी यहां आकर आश्वसन नहीं देता है, तब तक ग्रामीणों ने उपखंड कार्यालय में धरना देने का निर्णय किया है।
वहीं, ओडन पूर्व सरपंच सुरेश जलानिया कहा कि आज सभी ग्रामीण अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं और अगर शाम तक कोई निर्णय नहीं होता है तो ग्रामीण घर के सभी पशुओं को भी उपखंड कार्यालय में लाकर बांध देंगे।
उपखंड अधिकारी रक्षा पारीक ने सभी ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों से जिला कलेक्टर के माध्यम से राज्य सरकार को अवगत करा दिया गया है। विधायक द्वारा भी ग्रमीणों की आपत्ति से अवगत कराते हुए एक पत्र स्वायत्त शासन मंत्री को लिख दिया है। लेकिन एसडीएम व पालिका आयुक्त के बयानों में आए विरोधभास से चिंतित ग्रामीणों द्वारा उपखंड अधिकारी के चैंबर के बाहर ही धरना प्रदर्शन करने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद सभी ग्रामीण एसडीएम कार्यालय के बाहर ही धरने पर बैठ गए।
इस दौरान उलपुरा सरपंच जितेंद्र सिंह, गुंजोल सरपंच किशन गायरी, बागोल सरपंच यशवंत श्रीमाली, ओडन सरपंच सुरेश जलनिया, लाल मादड़ी सरपंच बलवीर सिंह, हेमंत पालीवाल, भरत पालीवाल, राखी पालीवाल और सभी गांवों के ग्रामीण मौजूद रहे।