अलवर जिले की पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म और देह शोषण के मामले में दोषी जाकिर हुसैन (20) को बीस साल के कठोर कारावास और 32 हजार रुपये के आर्थिक दंड की सजा सुनाई है। घटना आठ मई 2024 में तब सामने आई, जब खैरथल जिले की एक नाबालिग कॉलेज से लौटते समय गायब हो गई थी।
पुलिस को शिकायत मिली कि जाकिर हुसैन ने उस नाबालिग को बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया है। काफी तलाश करने बाद भी हुसैन और नाबालिग का कहीं कोई पता नहीं चला। बाद में सूचना मिली कि जाकिर नाबालिग को उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में ले गया है और वहां जाकर 12 दिनों तक उसको बंधक बनाए रखा। लगातार उसके साथ यौन शोषण करता रहा। नाबालिग के साथ हुए यौन शोषण से उसकी हालत भी खराब हो गई, लेकिन वह मुक्त नहीं हो सकी। क्योंकि उसको बंधक बनाकर रखा हुआ था।
पीड़िता की बहन ने बताया कि घटना स्थल पर उसे एक दोस्त ने बुलाया था और उसके बाद से ही वह लापता हो गई। चूंकि मामला कोतवाली में दर्ज हुआ था और यह नाबालिग यहीं रहती थी। इसलिए कोतवाली पुलिस को जब जाकिर और नाबालिग के बरेली में होने की सूचना मिली तो पुलिस भी वहां पहुंच गई। वहां पहुंचकर कोतवाली थाना पुलिस ने बरेली से पीड़िता को जाकिर के साथ बरामद किया। मेडिकल रिपोर्ट और पीड़िता के बयान के आधार पर जाकिर को गिरफ्तार कर लिया गया।
विशेष लोक अभियोजक विनोद कुमार शर्मा ने कहा, जाकिर ने पीड़िता को शारीरिक प्रताड़ना देकर चुप करा दिया। पुलिस ने गहन अनुसंधान के बाद एकत्र साक्ष्यों को लेकर प्रकरण पॉक्सो न्यायालय में सुनवाई हेतु प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष की ओर से बहस के दौरान 17 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए और करीब बीस दस्तावेज भी प्रकरण में प्रस्तुत किए गए। बहस और सुनवाई के बाद पॉक्सो न्यायलय ने जाकिर का दोष सिद्ध मानते हुए बीस साल की सजा सुनाई है और कुल मिलाकर 32 हजार रुपये का अर्थदंड निरूपित किया। कुल मिलाकर इस प्रकरण में चार धाराएं दण्ड संहिता की लगाई गई थी और सभी धाराओं में दोषी को सजा दी गई है।