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Udaipur News: आखा तीज पर रोके तीन बाल विवाह, पूरे संभाग में एक महीने के भीतर 47 बाल विवाह के प्रयास विफल

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उदयपुर Updated Thu, 01 May 2025 08:24 AM IST

अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की बढ़ती संभावनाओं को देखते हुए बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत उदयपुर संभाग में बड़ी कार्रवाई की गई। जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रन एलायंस, जिला प्रशासन, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बाल अधिकारिता विभाग, गायत्री सेवा संस्थान और चाइल्ड हेल्पलाइन के समन्वित प्रयासों से इस आखा तीज पर 3 बाल विवाह रोके गए, वहीं पूरे अप्रैल महीने में संभाग में कुल 47 बाल विवाह रोके गए। इन प्रयासों के तहत एक मामले में न्यायालय से बाल विवाह निषेधाज्ञा भी जारी की गई।

बाल अधिकार विशेषज्ञ डॉ. शैलेन्द्र पंड्या ने बताया कि चलाए गए विशेष जनजागरूकता अभियान से आमजन में जागरूकता बढ़ी है और अब लोग खुद आगे आकर बाल विवाह की सूचनाएं साझा कर रहे हैं। अक्षय तृतीया के दिन ही उदयपुर जिले में 3 बाल विवाह रोककर इस माह कुल 15 मामले विफल किए गए। इसके साथ ही चित्तौड़गढ़ जिले में 15, प्रतापगढ़ में 13 और सलूंबर में 4 बाल विवाह रोके गए।

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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर के सचिव कुलदीप शर्मा ने कहा कि बाल विवाह करना ही नहीं, उसमें किसी भी प्रकार से सहयोग करना जैसे पंडित, मौलवी, ढोली या सेवाएं उपलब्ध कराना भी कानूनी अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत कार्रवाई की जाती है।

यह विशेष अभियान 12 मई पीपल पूर्णिमा तक चलेगा, जिसका उद्देश्य अधिकतम बच्चों को समय रहते इस सामाजिक बुराई से बचाना है। यह पहल समाज और प्रशासन की संयुक्त जिम्मेदारी की मिसाल बन चुकी है।
  उदयपुर मे बाल विवाह रोकथाम मे बड़ी सफलता - फोटो : credit   उदयपुर मे बाल विवाह रोकथाम मे बड़ी सफलता - फोटो : credit  

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