टोंक जिले के बहुचर्चित फर्जी रजिस्ट्रियों के मामले में करीब 6 महिने बाद कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान ने बताया कि तत्कालीन टोंक तहसीलदार रामधन गुर्जर ने चार सितंबर 2024 के फर्जी दस्तावेजों से रजिस्ट्री करवाने का मामला कोतवाली पुलिस थाने में दर्ज करवाया था। जिसमें जयपुर के ब्रह्मपुरी निवासी पेहमल सिंधी के नाम से फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज बनाकर ओमप्रकाश सिंधी ने अरनिया केदार ग्राम पंचायत की जमीनों की फर्जी रजिस्ट्रियां करवा दीं।
पूरे मामले में कोतवाली पुलिस थानाधिकारी भंवर लाल वैष्णव जांच पड़ताल कर रहे हैं, जिसमें ओमप्रकाश सिंधी को जयपुर से गिरफ्तार किया गया और आज कोर्ट में पेश किया गया। जिसे कोर्ट 23 मार्च तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। फिलहाल आरोपी ओमप्रकाश से पूछताछ की जा रही है।
पूरे मामले में शिकायतकर्ता रामधन चौधरी ने कोतवाली थानाधिकारी पर गम्भीर आरोप लगाते हुए कहा है कि जो लोग रसूखदार हैं उनकी अब तक गिरफ्तारी नहीं की गई है, जबकि करीब 14 नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज है। कोतवाली पुलिस थानाधिकारी लीपापोती कर रहे हैं। बता दें कि इस पूरे मामले में जिला कलेक्टर डॉ. सौम्या झा के निर्देश पर उपखंड अधिकारी टोडा रायसिंह कपिल शर्मा भी विभागीय जांच कर रहे हैं जिसकी जांच रिपोर्ट बिते दिनों ही जिला कलेक्टर को सौंपी गई थी। फर्जी रजिस्ट्री के इस चर्चित मामले में राजस्व मंत्री ने भी जांच पड़ताल करने के निर्देश दिए थे।