टोंक जिले में देवली के बोरड़ा गांव में बुधवार शाम को मां गंगा की तर्ज पर बनास आरती का आयोजन किया गया। मां गंगा की आरती की तर्ज पर की गई इस आरती में देवली शहर और आसपास के गांवों से हजारों लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान गणपति की आरती से हुई। इसके बाद शंखनाद के साथ बनास नदी की आरती प्रारंभ की गई। बनास नदी के घाट को लाइटिंग से सजाया गया था। सुरक्षा की दृष्टि से लोगों को नदी की ओर जाने से रोका गया। हरिद्वार और वाराणसी की तर्ज पर पांच पंडितों ने ढोल-बाजों के साथ आरती की। महिलाएं और श्रद्धालु अपने घरों से दीपक लेकर घाट पर पहुंचे। सभी ने तालियां बजाकर आरती में भाग लिया। यह नजारा गणेश चतुर्थी के मेले जैसा था।
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करीब डेढ़ हजार से अधिक लोगों की भीड़ जमा हुई। आरती के बाद प्रसाद लेने के लिए श्रद्धालुओं में होड़ मच गई। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई। चार पहिया वाहनों की अधिक संख्या के कारण मार्ग पर जाम लग गया। कुछ लोगों ने अपनी गाड़ियां सड़क पर आड़ी-तिरछी खड़ी कर दीं। देवली थाना प्रभारी दौलतराम गुर्जर के नेतृत्व में पुलिस ने व्यवस्था को संभाला।
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बनास महाआरती के इस दृश्य को कैद करने के लिए श्रद्धालु शाम 6:15 बजे बाद घाट पर जुटने लगे। इस दौरान तय समय के अनुसार रात सात बजे महाआरती शुरू हुई। बनास नदी के दूसरे तट पर पाड़लिया गांव के लोग भी इस आरती को देखने के लिए दूसरी ओर नदी किनारे मौजूद रहे। पाड़लिया गांव से भी ग्रामीणों ने ड्रोन की मदद से दृश्य को कैद किया।