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Sri Ganganagar: श्रीगंगानगर में हजारों किसानों ने कलेक्ट्रेट के बाहर डाला पड़ाव, बोले- सरकार से लड़ेंगे आर-पार

Mon, 12 Jan 2026 09:51 PM IST
श्री गंगानगर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीगंगानगर

पंजाब के फिरोजपुर फीडर के पुनर्निर्माण कार्य के दौरान बीकानेर कैनाल (गंगनहर) में 1500 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के विरोध में स्थानीय किसानों ने सोमवार को महाराजा गंगा सिंह चौक पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसान संगठनों का आरोप है कि राज्य सरकार बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के नहरबंदी की तैयारी कर रही है, जिससे रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं और जौ, को भारी नुकसान होने की आशंका है। किसानों ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी स्थिति में नहरबंदी स्वीकार नहीं करेंगे।

बारी पिटने की आशंका से चिंतित किसान
किसानों का कहना है कि यदि नहरबंदी आवश्यक है तो इसे फरवरी के पहले सप्ताह से लागू किया जाए, ताकि जनवरी के अंत तक गेहूं और जौ की फसलों को कम से कम दो-दो सिंचाई मिल सके। किसानों ने मांग की कि हुसैनीवाला से पुरानी बीकानेर कैनाल के माध्यम से 45 आरडी पर पूरा पानी लेने से पूर्व वैकल्पिक व्यवस्था का ट्रायल किया जाए, जिससे बारी पिटने की समस्या न हो।

किसान नेताओं ने गिनाईं समस्याएं
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता अमर सिंह बिश्नोई ने बताया कि पिछले तीन महीनों से जिला प्रशासन के माध्यम से सरकार को लगातार ज्ञापन भेजे जा रहे हैं, लेकिन नहरबंदी को लेकर अब तक कोई स्पष्ट नीति या ठोस व्यवस्था सामने नहीं आई है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसान संगठनों से बिना किसी परामर्श के नहरबंदी की योजना बनाई गई है। बीकानेर कैनाल की न तो समुचित सफाई कराई गई और न ही गेटों की मरम्मत की गई है। कई क्षेत्रों में खेतों को अभी तक एक बारी पानी भी नहीं मिला है, जबकि फसलों को दो से तीन सिंचाई के बाद ही नहरबंदी का निर्णय लिया जाना चाहिए था।

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आंदोलन तेज करने की चेतावनी
किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते वैकल्पिक जल व्यवस्था नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। किसानों ने कहा कि पानी के अधिकार के लिए वे सरकार से आर-पार की लड़ाई लड़ने को मजबूर होंगे। उनकी मांग है कि फिरोजपुर फीडर का पुनर्निर्माण कार्य किया जाए, लेकिन नहरबंदी के दौरान खखां हैड पर कम से कम 2500 क्यूसेक पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, अन्यथा फसलों के नष्ट होने की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी।

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