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Sri Ganganagar: साइबर ठगों का भंडाफोड़, 21 किलो चांदी, 21 लाख नकद और दो लग्जरी गाड़ियों के साथ तीन गिरफ्तार

Wed, 26 Nov 2025 10:45 PM IST
श्री गंगानगर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्री गंगानगर

गरीबों को 2-3 हजार रुपयों का लालच देकर उनके बैंक अकाउंट, आधार-पैन कार्ड, एटीएम और सिम लेना, फिर उन्हें किट बनाकर बड़े साइबर ठगों को 50-50 हजार रुपये में बेचना। राजस्थान के श्रीगंगानगर में पुलिस ने ऐसे खतरनाक गिरोह को पकड़कर पूरे खेल का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मामले में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर और उनके पास से 21 किलो 500 ग्राम चांदी, 21 लाख नकद और दो लग्जरी गाड़ियों समेत भारी मात्रा में फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।

बुधवार को एसपी अमृता दुहन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पकड़े गए आरोपी श्रीगंगानगर शहर के ही रहने वाले चंद्र कुमार (29), संदीप चौहान (25) और दीपक (25) हैं। ये लोग गरीब और असहाय लोगों को निशाना बनाते थे। उन्हें महज दो-तीन हजार रुपये देकर आधार कार्ड, पैन कार्ड, जनआधार, बैंक पासबुक, चेकबुक, एटीएम कार्ड और मोबाइल नंबर ले लेते थे। इसके बाद इन दस्तावेजों की किट तैयार कर बड़े साइबर अपराधियों को 50 हजार रुपये प्रति किट के हिसाब से बेचते थे।

एसपी ने बताया कि ये किट मिलने के बाद बड़े ठग इन अकाउंट्स में साइबर फ्रॉड का पैसा ट्रांसफर करते थे। किसी कारण से जब बैंक अकाउंट होल्ड हो जाता था तो आरोपी फर्जी कंपनियों के लेटर हेड, जीएसटी नंबर और रबर स्टांप बनाकर बैंक पहुंच जाते थे और होल्ड हटवा लेते थे। इसके बाद फ्रॉड का पैसा आसानी से निकाल लिया जाता था।

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पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 21 लाख रुपये नकद, 21 किलो 500 ग्राम चांदी, दो हूंडई क्रेटा लग्जरी गाड़ियां, 90 चेकबुक, 13 बैंक पासबुक, 64 एटीएम कार्ड, 44 एक्टिव सिम कार्ड, दर्जनों आधार, पैन, जनआधार कार्ड, 12 रबर स्टांप, 23 बिल बुक, लैपटॉप और फर्जी कंपनियों के दस्तावेज बरामद किए हैं।

एसपी ने बताया कि आरोपी टेलीकॉम एजेंटों से मिलीभगत कर एक ही व्यक्ति के बायोमेट्रिक से कई-कई सिम एक्टिव करवा लेते थे। ग्राहक को सिर्फ एक सिम देते थे, बाकी सिम दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों में बैठे साइबर ठगों को भेज देते थे। इन सिम से पूरे देश में ऑनलाइन ठगी की जा रही थी। मामले में एयरटेल कंपनी ने एक मुकदमा भी दर्ज कराया था, जबकि घड़साना और मटिली राठान में पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेकर दो अन्य मुकदमे दर्ज किए थे।

फिलहाल पुलिस भी इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है क्योंकि इनका नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ प्रतीत हो रहा है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही पूरे गैंग के बड़े सरगना तक पहुंच बनाई जाएगी।

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