चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार सुबह अचपुरा गांव में एक झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इस कार्रवाई का नेतृत्व डिप्टी सीएमएचओ डॉ. एसपी शर्मा ने किया, जो ग्रामीण बनकर पेट दर्द के मरीज के रूप में आरोपी के पास पहुंचे। भारजा पीएचसी प्रभारी डॉ. विनय सोनी सहित अन्य टीम सदस्यों की मौजूदगी में आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा गया।
जांच के दौरान आरोपी के पास एक मेडिकल स्टोर से भी अधिक मात्रा में दवाइयों का स्टॉक मिला, जिसमें बड़ी संख्या में प्रतिबंधित दवाइयां भी शामिल थीं। आरोपी बिना किसी मेडिकल डिग्री के धड़ल्ले से इन दवाइयों का उपयोग कर रहा था, जबकि उनके साइड इफेक्ट्स की उसे कोई जानकारी नहीं थी। आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद सरूपगंज पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
छापेमारी के दौरान बरामद हुई प्रतिबंधित दवाइयां
डिप्टी सीएमएचओ डॉ. एसपी शर्मा के नेतृत्व में आरसीएचओ डॉ. रितेश सांखला, पिंडवाड़ा बीसीएमओ डॉ. भूपेंद्र सिंह, पीएचसी भारजा इंचार्ज डॉ. विनय सोनी, फार्मासिस्ट सौरव एवं सरूपगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने सुबह 7:30 बजे अचपुरा गांव में छापा मारा।
जांच में सामने आया कि अचपुरा तहसील पिंडवाड़ा निवासी अमूल समझदार (42) पुत्र उपने समझदार बिना किसी मान्यता प्राप्त डिग्री के पिछले 25 वर्षों से क्लिनिक चला रहा था। टीम ने जब आरोपी को पकड़ने की रणनीति बनाई तो डिप्टी सीएमएचओ डॉ. शर्मा ने ग्रामीण बनकर पेट दर्द की शिकायत की। जैसे ही आरोपी ने दवा देना शुरू किया, टीम ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया। इसके बाद जब उसके क्लिनिक की तलाशी ली गई तो वहां कई कमरों में दवाइयों का विशाल भंडार पाया गया, जिनमें बड़ी संख्या में प्रतिबंधित दवाइयां थीं। मौके पर ही इन दवाइयों को जब्त कर लिया गया और क्लिनिक को सील कर दिया गया।
बुजुर्गों को अवैध रूप से दी जा रही थीं दवाइयां
जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बुजुर्गों को वियाग्रा जैसी प्रतिबंधित टेबलेट्स 10-10 रुपये में बेच रहा था। जब उससे इन दवाइयों के उपयोग को लेकर पूछताछ की गई तो वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे सका।
पारियों में चला रहे हैं क्लिनिक
इस कार्रवाई को लेकर डिप्टी सीएमएचओ डॉ. एसपी शर्मा ने बताया कि जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसके बावजूद कई झोलाछाप डॉक्टर सुबह-शाम पारियों में अपने क्लिनिक चला रहे हैं। अचपुरा में आरोपी द्वारा अवैध रूप से क्लिनिक संचालित किए जाने की सूचना मिलने पर यह कार्रवाई की गई।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत चिकित्सक से इलाज न कराएं और किसी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।