शहर में सड़कों की खस्ता हालत एवं आवारा पशुओं की समस्या का समाधान करवाने की मांग को लेकर जनप्रतिनिधियों द्वारा शुरू किया गया आमरण अनशन लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। इस दौरान अनशनकारियों का कहना था कि जब तक मांगें नहीं मानी जातीं तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। बुधवार को कई सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी अनशन स्थल पहुंचे तथा अनशनकारियों को अपना समर्थन दिया।
गौरतलब है कि आबूरोड सिरोही जिले का सबसे बड़ा शहर है लेकिन जनप्रतिनिधियों एवं जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता के चलते यह लंबे समय से उपेक्षा का शिकार है। ऐसा लगता है किसी को इस शहर एवं आमजन से कोई सरोकार नहीं है। ऐसे में यहां विकास तो दूर की बात लोगों को पहले से मौजूद समस्याओं से ही छुटकारा नहीं मिल पा रहा है।
रेलवे स्टेशन, पुराना रेलवे स्टेशन, पोस्ट ऑफिस, बीएसएनएल ऑफिस, पुराना नगर पालिका भवन, रोडवेज बस स्टैंड, सार्वजनिक निर्माण विभाग कार्यालय, दरबार स्कूल, लुनियापुरा पुल, गांधीनगर ओवरब्रिज संपर्क सड़क, अंबाजी चौराहा से गुरुद्वारा, देव कॉम्पलेक्स, प्रसादीलाल अग्रवाल धर्मशाला, पारसीचाल तिराहा, वनवे मार्ग, केशरगंज पेट्रोल पंप, कॉलेज रोड इजपुराना चेक पोस्ट मार्ग सहित विभिन्न क्षेत्रों में सड़कें जगह-जगह से क्षतिग्रस्त हैं। बारिश के कारण यहां बड़े-बड़े गड्डे बन गए हैं, जिनमें बरसाती पानी का भराव हो गया है। इसी प्रकार आवारा पशुओं की समस्या भी दिनोंदिन गंभीर होती जा रही है। सड़कों के बीच बैठे आवारा पशुओं के कारण आए दिन लोग दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं लेकिन नगर पालिका प्रशासन गंभीरता दिखाने की बजाय महज औपचारिक खानापूर्ति करने में लगा हुआ है, जिसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
इन्होंने दिया अनशनकारियों को समर्थन
शहरवासियों की समस्याओं को लेकर जब कहीं भी सुनवाई नहीं हुई तो पूर्व पार्षद नवीन सांखला, गोविंद अग्रवाल एवं समाजसेवी अजय बंजारा द्वारा जिम्मेदार अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों का इस ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए यह आमरण अनशन शुरू किया गया था। इस अनशन के दूसरे दिन बुधवार को आदर्श कार टैक्सी ड्राइवर यूनियन, डॉ. अंबेडकर सेवा समिति, महावीर इंटरनेशनल, संयुक्त व्यापार संघ, सहारा ऑटो यूनियन, अरावली टैक्सी यूनियन, आबूरोड नगर पालिका के जनप्रतिनिधि एवं पार्षद, मुस्लिम सोशल ग्रुप, बसेटा धोबी समाज, वेस्टर्न रेलवे एम्पलाइज यूनियन आबूरोड एवं करणी सेना आदि संगठनों के पदाधिकारी यहां पहुंचे तथा अनशनकारियों का माला पहनाकर अभिनंदन किया। इसके साथ ही उनके द्वारा शुरू किए गए आमरण अनशन को अपना समर्थन प्रदान किया। इस मौके पर माधव मारु, नरेंद्र कच्छावा, शकील कुरेशी, तोलाराम मेघवाल, फारुक एवं फिरोज खान मौजूद रहे।