चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रविवार को जिले के विभिन्न स्थानों पर खाद्य सामग्री की गुणवत्ता जांचने के लिए कार्रवाई की। इस दौरान रोहिड़ा में मिठाइयों और पिंडवाड़ा में खाद्य सामग्रियों के नमूने एकत्र किए गए, जिन्हें जांच के लिए विभागीय प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सामग्री की शुद्धता जांचने के लिए अभियान
राज्य सरकार के ‘शुद्ध आहार एवं मिलावट पर वार’ अभियान के तहत सिरोही जिले में खाद्य सामग्री की गुणवत्ता की जांच की जा रही है। जिला मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी के निर्देशन में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
रविवार को उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.पी. शर्मा के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारी धर्मवीर एवं मुकेश प्रजापत की टीम ने रोहिड़ा स्थित चंपालाल मिष्ठान भंडार से मिल्क केक, कलाकंद और गुलाब जामुन के नमूने लिए। इसके अलावा, भगवती मर्चेंट से चीनी, नमक, सोयाबीन रिफाइंड तेल और बेसन के नमूने एकत्र कर जांच के लिए विभागीय प्रयोगशाला भेजे गए।
टीम ने व्यापारियों को खाद्य सामग्री की शुद्धता बनाए रखने, सफाई का विशेष ध्यान रखने और आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए। साथ ही, किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
जांच रिपोर्ट सार्वजनिक न करने पर उठे सवाल
यह पहली बार नहीं है जब सिरोही जिले में खाद्य सामग्री के नमूने लिए गए हैं। हालांकि, अक्सर यह देखा गया है कि विभागीय जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की जाती, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि किन सैंपलों की गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरी और कौन से फेल हुए।
आबूरोड में मिलावटखोरी की शिकायतें लंबे समय से आ रही हैं। सूत्रों के अनुसार, कुछ मामलों में संबंधित दुकानदारों को पहले से ही विभागीय जांच की जानकारी मिल जाती है, जिससे वे जांच से पहले ही आवश्यक सुधार कर लेते हैं। इससे खाद्य सुरक्षा अभियान की प्रभावशीलता पर सवाल उठते हैं।